वर्तमान समय में हमारे विकल्प, मान्यताएं और जीवनशैली सोशल मीडिया पर उपभोग की जाने वाली सामग्री से किस प्रकार प्रभावित होती हैं, इसी विषय को केंद्र में रखकर हैदराबाद में एक नया नाटक ‘रील-इज्म’ मंचित किया गया है। यह 120 मिनट का नाटक तेलुगु और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार किया गया है, जिसके लेखक और मुख्य कलाकार माहिधर हैं। नाटक की कहानी एक ऐसे जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है जो डिजिटल दुनिया के इस दौर में प्रेम और आपसी संघर्षों के बीच अपना रास्ता तलाश रहा है। निर्देशक माहिधर का यह मानना है कि हम सोशल मीडिया पर जो कुछ भी उपभोग करते हैं, वह हमारे जीवन में गहरी पैठ बना चुका है। यह हमारी पसंद, नापसंद और रोजमर्रा के फैसलों को आकार देता है, और हम उन विकल्पों को तब भी लागू करते हैं जब उनकी कोई आवश्यकता नहीं होती है।
सोशल मीडिया और आधुनिक जीवन का संघर्ष
थिएटर के निर्देशक माहिधर के अनुसार, इस नाटक के विषय सार्वभौमिक प्रकृति के हैं। उनका यह भी कहना है कि यह कहानी किसी की भी हो सकती है और इसका प्रभाव शहरी तथा ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में समान रूप से देखा जा सकता है। ‘द एक्टर्स लैब’ के संस्थापक माहिधर ने अपने छात्र जीवन के दौरान पढ़े गए गहन रिश्ता-आधारित नाटकों (relationship dramas) और अमूर्त नाटकों से प्रेरणा ली है। उन्होंने आधुनिक जीवन पर सोशल मीडिया के प्रभाव को एक समकालीन दृष्टिकोण देने के लिए इस माध्यम का उपयोग किया है। उनका यह उद्देश्य रहा है कि आज के डिजिटल परिवेश में लोग किस तरह से अनजान में ही अपनी मान्यताओं को सोशल मीडिया के जरिए ढाल रहे हैं, इसे मंच के माध्यम से दर्शकों के सामने लाया जाए।
रंगमंच में मिनिमलिस्ट सेट और संगीत का प्रयोग
नाटक के निर्माण और प्रस्तुति में पारंपरिक रंगमंच से अलग हटकर कुछ नए और अनूठे प्रयोग किए गए हैं। इस नाटकीय प्रस्तुति में केवल दो कलाकार शामिल हैं और इसमें न्यूनतम सेट (minimalist set), स्मार्ट लाइटिंग, असामान्य प्रॉप्स और बोल्ड रंगों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया है। इसके अलावा, पृष्ठभूमि में लोकप्रिय बॉलीवुड और तेलुगु गाने बजाए जाते हैं, जो इस मंचन में एक संगीत का स्तर जोड़ते हैं और नाटक के भावनात्मक प्रभाव को बढ़ाते हैं। यह अनोखा संयोजन पारंपरिक रंगमंच की सीमाओं को तोड़ते हुए दर्शकों को एक नया अनुभव प्रदान करता है, जहां दृश्य और श्रव्य दोनों माध्यमों का बखूबी तालमेल बिठाया गया है।
मूल रूप से विशाखापत्तनम के रहने वाले माहिधर ने वर्ष 2018 में एक अभिनेता बनने के लिए हैदराबाद का रुख किया था। सिनेमा में एक संक्षिप्त कार्यकाल के बाद, उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय में थिएटर आर्ट्स में मास्टर प्रोग्राम में दाखिला लिया, ताकि इस कला के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझ सकें। इसके बाद उन्होंने विभिन्न नाटकों में अभिनय किया और स्कूली तथा कॉलेज के छात्रों को अभिनय की शिक्षा दी, जिसमें गिट्टम हैदराबाद (GITAM Hyderabad) भी शामिल है। उनकी पहल, ‘द एक्टर्स लैब’, रंगमंच के उत्साही लोगों के लिए ड्रामा कोर्स, लर्निंग मॉड्यूल और प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य करती है, जिससे नए कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
माहिधर की थिएटर यात्रा और द एक्टर्स लैब
यह नाटक 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को सीनेमा स्पॉट (Seeneemaa Spot) में शाम 7 बजे मंचित किया गया था, जिसके टिकट seeneemaaspot.com पर उपलब्ध कराए गए थे। नाटक के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि कैसे डिजिटल और सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता आज के मानवीय संबंधों और रोजमर्रा के फैसलों को प्रभावित कर रही है। माहिधर की यह प्रस्तुति इस बात पर जोर देती है कि आधुनिक युग में तकनीक और प्रेम के बीच का यह संघर्ष केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है, जिससे दर्शक आसानी से जुड़ सकते हैं।


