उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़ियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में हुए भेड़िया हमलों में दो मासूम बच्चे घायल हो गए, जिनमें एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
गोडहिया नंबर-4 के मजरा जरूवा में 2 वर्षीय बच्ची पर हमला
ताजा मामला गांव गोडहिया नंबर-4 के मजरा जरूवा का है। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे, 2 वर्षीय बच्ची आंचल, पुत्री पवन कुमार, अपनी मां ममता और दादी मालती के साथ आंगन में अलाव के पास बैठी थी। इसी दौरान अचानक एक भेड़िया वहां पहुंचा और मासूम पर झपट पड़ा।
परिजनों ने साहस दिखाते हुए लाठियों से भेड़िये को पीटकर भगाया, जिसके बाद वह पास के गन्ने के खेतों की ओर भाग गया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को तत्काल कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
दानावल गांव में 5 वर्षीय बालक भी घायल
इसी दिन बहराइच, कैसरगंज क्षेत्र के दानावल गांव में भी भेड़िया हमले की घटना सामने आई।
यहां यश कुमार (5), पुत्र विजय कुमार, अपने घर के बाहर अलाव के पास बैठा था, तभी भेड़िये ने उस पर हमला कर दिया। बच्चा स्वेटर और जैकेट पहने होने के कारण गंभीर चोट से बच गया। परिजनों के शोर मचाने पर भेड़िया खेतों की ओर भाग गया। बच्चे को इलाज के लिए CHC ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
पुलिस-वन विभाग मौके पर, मासूम की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बृजेंद्र मिश्रा, रेंजर ओंकार यादव वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ड्रोन की मदद से इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
रेंजर ओंकार यादव ने बताया,
“हमें एक मासूम पर जंगली जानवर के हमले की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंच चुकी है और तलाश की जा रही है।”
इस साल 11 मौतें, 32 घायल: DFO
प्रभागीय वनाधिकारी राम सिंह यादव ने बताया कि
“इस साल अब तक आदमखोर भेड़िये के हमलों में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 लोग घायल हुए हैं।”
लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग द्वारा भेड़ियों को पकड़ने और न्यूट्रलाइज करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की जा रही है।



