उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में कोटेदारों को अपनी सरकारी दुकान (अन्नपूर्णा स्टोर) उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार जल्द ही इन दुकानों का आवंटन शुरू करने जा रही है, जिससे उचित दर विक्रेताओं को निजी दुकानों के किराये से राहत मिलेगी।
यह योजना खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए अहम मानी जा रही है, जहां कोटेदारों को लंबे समय से दुकान किराये और परिवहन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
पूर्ति विभाग को मिला बजट, 50 नए स्टोर होंगे तैयार
बाराबंकी से मिली जानकारी के अनुसार, उचित दर विक्रेताओं के लिए अस्थायी सरकारी दुकानें (अन्नपूर्णा स्टोर) बनाने को लेकर पूर्ति विभाग को बजट जारी कर दिया गया है। विभाग की योजना के तहत फिलहाल 50 अन्नपूर्णा स्टोर का निर्माण कराया जाएगा।
इसके साथ ही ‘मेरा गांव, मेरा मनरेगा’ योजना के अंतर्गत हर विकास खंड की पांच ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा स्टोर बनाए जा रहे हैं। इन दुकानों का सीधा आवंटन कोटेदारों को किया जाएगा।
एक अन्नपूर्णा स्टोर की निर्माण लागत लगभग ₹8.46 लाख तय की गई है।
पिछले वर्षों में कितने स्टोर बने?
- वर्ष 2023 में जिले में 75 अन्नपूर्णा स्टोर बनाए गए
- 2024 में अब तक 42 स्टोर पूरे हो चुके हैं
- 2025 में मनरेगा से 75 स्टोर प्रस्तावित थे, लेकिन बजट न मिलने के कारण निर्माण नहीं हो सका
अब पूर्ति विभाग की ओर से अलग से 50 नए स्टोर बनाए जाएंगे। इन सभी के लिए जमीन पहले ही चिन्हित कर ली गई है।
कोटेदारों का खर्च घटाने की दिशा में बड़ा फैसला
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि अब मनरेगा के साथ-साथ पूर्ति विभाग भी अन्नपूर्णा भवन बनवाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य उचित दर विक्रेताओं पर दुकान किराये के आर्थिक बोझ को कम करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- हर कोटेदार को एक स्थायी सरकारी दुकान दी जाएगी
- यह दुकानें सिर्फ सरकारी गल्ले के वितरण के लिए ही उपयोग होंगी
- भविष्य में कोटेदार बदलने की स्थिति में भी दुकान वही बनी रहेगी
139 ऐसी दुकानें, जहां वाहन नहीं पहुंच पाते
डोर-स्टेप डिलीवरी योजना के तहत राशन को सीधे कोटेदारों की दुकानों तक पहुंचाना होता है, लेकिन जिले में ऐसी लगभग 139 दुकानें चिन्हित की गई हैं, जहां बड़े वाहनों की पहुंच संभव नहीं है।
- कुछ दुकानों की दूरी 200 मीटर से अधिक है
- कई जगहों पर यह दूरी 500 मीटर तक पहुंच जाती है
ऐसे इलाकों में या तो छोटे वाहनों की व्यवस्था की जाएगी, या फिर नए अन्नपूर्णा स्टोर का निर्माण कराया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, यह विकल्प सबसे व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान माना जा रहा है।
हर विकास खंड में पांच पंचायतों को मिलेगा लाभ
सरकार की योजना के मुताबिक, हर विकास खंड की पांच ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा स्टोर बनाए जाएंगे। इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है और बजट भी जारी कर दिया गया है। आने वाले महीनों में इसका असर जमीनी स्तर पर दिखने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम न सिर्फ कोटेदारों की समस्याएं कम करेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में राशन वितरण व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाएगा। सरकारी दुकानों के निर्माण से जहां कोटेदारों को स्थायित्व मिलेगा, वहीं लाभार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।




