उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा सरकार पर ऐसा हमला बोला, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया।
मौका था उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री स्वर्गीय राजा राजीव कुमार सिंह की चौथी पुण्यतिथि का। हड़ाहा स्टेट में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और पूरा इलाका जनसैलाब में तब्दील हो गया।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही राजा रितेश कुमार सिंह ‘रिंकू’ ने अपने समर्थकों के साथ शिवपाल सिंह यादव का स्वागत किया। इसके बाद शिवपाल यादव ने स्वर्गीय राजा राजीव कुमार सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने मौजूदा भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर ही हालात बिगड़ते जा रहे हैं और असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है।
उन्होंने महोबा प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि जब सत्ता पक्ष के विधायक ही अपने मंत्री का रास्ता रोकने लगें, तो यह साफ संकेत है कि सरकार अंदर से कमजोर हो चुकी है। इसी दौरान उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि पहले इंजन टकराते थे, अब डिब्बे भी टकराने लगे हैं।
शिवपाल यादव ने सरकारी योजनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि नमामि गंगे और हर घर जल योजना जैसी बड़ी योजनाओं में अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद आम जनता तक उसका लाभ नहीं पहुंच रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है और जवाबदेही पूरी तरह गायब है।
शंकराचार्य से जुड़े प्रकरण पर बोलते हुए उन्होंने भाजपा पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संतों और शंकराचार्यों से पहचान पत्र मांगना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर होती है।
हालांकि न्यायालय में विचाराधीन मामलों पर टिप्पणी करने से उन्होंने खुद को अलग रखा और कहा कि ऐसे मामलों पर फैसला कानून को ही करना चाहिए।
स्वर्गीय राजा राजीव कुमार सिंह को याद करते हुए शिवपाल यादव भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि राजा साहब का परिवार समाजवादी पार्टी के लिए हमेशा सम्मान और प्राथमिकता में रहा है। उन्होंने राजा रितेश कुमार सिंह ‘रिंकू’ को आशीर्वाद देते हुए भरोसा दिलाया कि पार्टी हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहेगी।
इस श्रद्धांजलि सभा में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हालांकि कुछ प्रमुख चेहरों की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी होती रहीं।
अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां गीतों के माध्यम से राजनीतिक संदेश दिया गया— राजा आएंगे रितेश, अबकी जीतेंगे अखिलेश। इस नारे के साथ पूरे परिसर में जोश और उत्साह देखने को मिला।




