यूपी में नकली दरोगा गिरफ्तार: लखनऊ में फर्जी परीक्षा-इंटरव्यू कर युवाओं से ठगी, CBI की आईडी समेत कई सामान बरामद

IMG_20260318_044618_442
Vishal K. Singh - Editor
4 Min Read
कानपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपी, जो खुद को दरोगा बताकर युवाओं से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था।

कानपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कानपुर पुलिस ने वर्दी पहनकर खुद को दरोगा बताने वाले आरोपी संजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी लखनऊ के होटलों और प्राइवेट स्कूलों में फर्जी परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित कर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूलता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी सिस्टम से जुड़ा होने का झूठा रौब झाड़कर नौकरी और ट्रांसफर-पोस्टिंग का लालच देता था। मामले में अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है।

मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी

यह कार्रवाई कानपुर के अनवरगंज थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा है। सूचना के आधार पर कल्याणी रोड स्थित कूड़ा घर के पास छापेमारी कर संजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के समय आरोपी पूरी पुलिस वर्दी में था और खुद को दरोगा बताकर लोगों को प्रभावित करता था।

बरामद सामान ने खोले कई राज

तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई चौंकाने वाले सामान मिले, जिनमें शामिल हैं:

  • पुलिस और CBI के फर्जी आईडी कार्ड
  • एक पूर्व प्रमुख सचिव के नाम का लेटर पैड
  • पुलिस वर्दी, बेल्ट, जूते और पी-कैप
  • लाइटर पिस्टल और कारतूस
  • फर्जी नंबर प्लेट

इन सामग्रियों के आधार पर पुलिस को शक है कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से ठगी कर रहा था।

लखनऊ में कराता था फर्जी परीक्षा और इंटरव्यू

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लखनऊ में होटल और निजी स्कूल किराए पर लेकर फर्जी भर्ती प्रक्रिया आयोजित करता था। युवाओं से आवेदन शुल्क और चयन के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।

जब चयन प्रक्रिया के परिणाम में देरी होती, तो आरोपी अभ्यर्थियों को धमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था। कई पीड़ित डर के कारण शिकायत दर्ज नहीं करा पाए।

गिरोह के अन्य सदस्य फरार

डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि संजय सिंह अपने साथियों दुर्गेश सविता और विजय चौहान के साथ मिलकर यह गिरोह चला रहा था। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।

पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया है। पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने युवाओं को ठगा गया है।

युवाओं के लिए चेतावनी

सरकारी नौकरी के नाम पर चल रही इस तरह की ठगी से बचने के लिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि:

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी नोटिफिकेशन पर भरोसा करें
  • किसी भी व्यक्ति को निजी तौर पर पैसे न दें
  • संदिग्ध भर्ती प्रक्रिया की तुरंत पुलिस में शिकायत करें

अगर आप ऐसे ही अपडेटेड और विश्वसनीय खबरें पढ़ना चाहते हैं, तो जुड़े रहें Future Post – Everything Matters के साथ।

Share This Article
Follow:
Vishal Singh is the Editor-in-Chief of Future Post News. He leads the newsroom with a focus on accurate, timely, and unbiased reporting across national, regional, technology, business, sports, and public affairs. He oversees editorial standards, fact-checking, and content quality to ensure readers receive reliable and trustworthy news.
Leave a Comment